​​​गूगल पर सर्च​​​ किया​​ डॉक्टर का नंबर, फोन मिलाते ही अकाउंट से कटे ₹49 हजार; रिटायर्ड अधिकारी से ऐसे हुई साइबर ठगी​​​​

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इंदौर में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंटरनेट पर मौजूद जानकारी पर आंख बंद कर भरोसा करने के खतरे को उजागर कर दिया है. डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर नंबर सर्च करने वाले 66 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी विनोद शर्मा साइबर ठगों के जाल में फंस गए. महज 20 रुपये जमा कराने के बहाने शुरू हुई बातचीत कुछ ही देर में 49 हजार रुपये की ठगी में बदल गई. जब तक उन्हें पूरे मामले का एहसास हुआ, तब तक उनके बैंक खाते से हजारों रुपये निकल चुके थे.

डॉक्टर की अपॉइंटमेंट के लिए किया कॉल

जानकारी के अनुसार, इंदौर निवासी 66 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी विनोद शर्मा को डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेनी थी. इसके लिए उन्होंने गूगल पर डॉक्टर का नंबर सर्च किया. इंटरनेट पर दिखाई दिए एक नंबर पर उन्होंने कॉल किया, लेकिन यह नंबर साइबर ठगों का निकला. शुरुआत में बातचीत पूरी तरह सामान्य लगी, जिससे उन्हें किसी तरह का संदेह नहीं हुआ.

20 रुपये जमा कराने के नाम पर बिछाया जाल

फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने अपॉइंटमेंट कन्फर्म करने के लिए ऑनलाइन 20 रुपये जमा कराने की बात कही. विनोद शर्मा ने बताई गई प्रक्रिया का पालन करते हुए भुगतान कर दिया. इसके बाद ठगों ने उनसे कुछ और जानकारी मांगी और आधार नंबर पूछने लगे. यहीं से उन्हें कुछ गड़बड़ी का आभास होने लगा.

एक रुपये का मैसेज आया, फिर खुला ठगी का राज

आधार नंबर मांगे जाने पर विनोद शर्मा को शक हुआ. इसी बीच उनके मोबाइल पर आईसीआईसीआई बैंक खाते से 1 रुपये डेबिट होने का मैसेज आया. जांच करने पर पता चला कि यह राशि एक महिला के खाते में ट्रांसफर हुई थी. शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद यह कोई तकनीकी प्रक्रिया हो, लेकिन बाद में बैंक खाते की जानकारी देखने पर बड़ा झटका लगा.

खाते से उड़ा लिए 49 हजार रुपये

बैंक ट्रांजेक्शन की जांच में सामने आया कि उनके खाते से कुल 49 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर हो चुकी है. इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई. ठगों ने बेहद शातिर तरीके से उन्हें अपनी बातों में फंसाकर बैंक खाते से रकम निकाल ली.

मामले की शिकायत मिलने के बाद तलैया थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस साइबर ठगी के इस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी नंबर किसने अपलोड किया था और ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई.

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