करोड़पति कारोबारी का बेटा आयुष बना रहमान, पिता का आरोप- ‘चांदनी और मौलानाओं ने संपत्ति के लिए जाल में फंसाया’

उत्तर प्रदेश के शामली जिले से धर्मांतरण का एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिसने पुलिस और स्थानीय प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं. आमतौर पर लव जिहाद के मामलों में हिंदू युवतियों के धर्म परिवर्तन की खबरें सुर्खियां बनती हैं, लेकिन इस बार मामला पूरी तरह से उलट है. यहां एक बेहद संपन्न हिंदू परिवार के पढ़े-लिखे युवक को जाल में फंसाकर उसका धर्मांतरण कराने और निकाह करने का गंभीर आरोप एक मुस्लिम लड़की, उसके पिता और मौलानाओं पर लगा है.

करोड़ों की पारिवारिक संपत्ति पर कब्जे की साजिश का आरोप

यह पूरा मामला शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला काजीवाड़ा का है. यहां के प्रतिष्ठित दवा व्यवसाय संघ के अध्यक्ष देवराज मलिक के इकलौते बेटे आयुष मलिक (30 वर्ष) ने इस्लाम धर्म अपनाकर अपना नाम रहमान रख लिया और चांदनी कुरैशी नाम की युवती से निकाह कर लिया. आयुष के पिता देवराज मलिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि यह कोई सामान्य प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि उनके बेटे को जाल में फंसाने का एक बड़ा षड्यंत्र है. पिता का कहना है कि उनके पास भारत मेडिकल स्टोर और भारत मेडकोच नाम के दो बड़े शोरूम और भारी संपत्ति है. इसी करोड़ों की पारिवारिक संपत्ति को हड़पने के लिए चांदनी, उसके पिता इस्लाम और तीन मौलानाओं ने मिलकर उनके बेटे का धर्मांतरण कराया है. पिता ने परिवार को जान से मारने की धमकी मिलने का भी दावा किया है. 

जिम और थेरेपिस्ट के जरिए संपर्क में आई लड़की

शामली पुलिस की गोपनीय और एलआईयू (LIU) जांच में सामने आया है कि आयुष मलिक बी.फार्मा पासआउट है और अपने पिता का शोरूम संभालता था. वहीं, काजीवाड़ा निवासी इस्लाम कुरैशी की बेटी चांदनी एक थेरेपिस्ट है. पुलिस के अनुसार, चांदनी, उसकी बहन और आयुष के यहां काम करने वाले एक नौकर (जो चांदनी का भाई है) ने मिलकर पूरी प्लानिंग के तहत जिम और थेरेपी के बहाने आयुष से संपर्क बढ़ाया. इसके बाद उसे प्रलोभन देकर दिल्ली की एक मस्जिद में ले जाकर उसका निकाह करा दिया गया. फिलहाल आयुष लंबी दाढ़ी रख रहा है, इस्लामिक टोपी और कुर्ता-पायजामा पहनकर पांच वक्त की नमाज पढ़ रहा है और अपने परिवार से दूरी बना चुका है.

पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 लोगों पर केस दर्ज

पिता देवराज मलिक की तहरीर पर शामली कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. मामले में कुल 10 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें से लड़की के पिता इस्लाम कुरैशी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, दूसरी ओर मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना कासिम का बयान भी सामने आया है. मौलाना का कहना है कि देश का संविधान हर नागरिक को अपनी मर्जी से जीने की आजादी देता है और कोर्ट के जरिए कानूनी प्रक्रिया के तहत किए गए धर्म परिवर्तन में किसी का कोई दबाव नहीं चलता. फिलहाल, पुलिस शादी के दस्तावेजों, धर्मांतरण की प्रक्रिया और संपत्ति विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *