
उत्तर प्रदेश के इतिहास में कई ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं, जिन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की थी. इनमें अखिलेश यादव, नारायण दत्त तिवारी, राजनाथ सिंह, चौधरी चरण सिंह और मायावती प्रमुख नाम हैं, जबकि राजनाथ सिंह एमएससी फिजिक्स और नारायण दत्त तिवारी एमए-एलएलबी थे.
UP All CM List: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब तक 21 अलग-अलग नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल चुके हैं. इनमें शिक्षक भी रहे, वकील भी, इंजीनियर भी और विदेश से पढ़ाई करने वाले नेता भी. अक्सर ये सवाल पूछा जाता है कि यूपी का सबसे पढ़ा-लिखा मुख्यमंत्री कौन रहा है.
हालांकि किसी सरकारी रिकॉर्ड या आधिकारिक सूची में किसी एक नेता को “सबसे पढ़ा-लिखा मुख्यमंत्री” घोषित नहीं किया गया है, लेकिन शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कुछ नाम सबसे आगे नजर आते हैं. इनमें नारायण दत्त तिवारी, चौधरी चरण सिंह, राजनाथ सिंह, मायावती और अखिलेश यादव प्रमुख हैं.
आइए जानते हैं यूपी के मुख्यमंत्रियों के बारे में, जिनमें से एक नेता तो विदेश से मास्टर डिग्री लेकर आए थे, वहीं एक मुख्यमंत्री ऐसे भी थे जो ग्रेजुएट भी नहीं थे.
सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे मुख्यमंत्रियों में कौन-कौन?
नारायण दत्त तिवारी (Narayan Dutt Tiwari)
पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए किया था और विश्वविद्यालय में टॉप भी किया था. इसके बाद उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई की. छात्र जीवन में वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष भी रहे.
चौधरी चरण सिंह (Chaudhary Charan Singh)
चौधरी चरण सिंह ने बीएससी, इतिहास में एमए और फिर एलएलबी की डिग्री हासिल की थी. उस दौर में यह काफी ऊंची शैक्षणिक उपलब्धि मानी जाती थी.
राजनाथ सिंह (Rajnath Singh)
राजनाथ सिंह ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से भौतिकी में एमएससी की पढ़ाई की और बाद में कॉलेज में भौतिकी के लैक्चरर भी रहे.
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)
अखिलेश यादव इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं. उन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की और बाद में ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से पर्यावरण इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया.
मायावती (Mayawati)
मायावती ने बीए, बीएड और एलएलबी की डिग्री हासिल की. राजनीति में आने से पहले वे शिक्षण कार्य से भी जुड़ी रही थीं.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों की सूची (1950 से अब तक)
| क्र.सं. | मुख्यमंत्री का नाम | कार्यकाल (Tenure) | शैक्षणिक योग्यता (Education) |
|---|---|---|---|
| 1 | गोविंद वल्लभ पंत (Govind Ballabh Pant) | 26 जनवरी 1950 – 27 दिसंबर 1954 | बी.ए., एल.एल.बी. (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) |
| 2 | डॉ. संपूर्णानंद (Dr. Sampurnanand) | 28 दिसंबर 1954 – 6 दिसंबर 1960 | बी.एससी., एल.टी. (टीचिंग डिप्लोमा) |
| 3 | चन्द्रभानु गुप्त (Chandra Bhanu Gupta) | 7 दिसंबर 1960 – 1 अक्टूबर 1963 14 मार्च 1967 – 2 अप्रैल 1967 26 फरवरी 1969 – 17 फरवरी 1970 | एम.ए., एल.एल.बी. (लखनऊ विश्वविद्यालय) |
| 4 | सुचेता कृपलानी (Sucheta Kripalani) | 2 अक्टूबर 1963 – 13 मार्च 1967 | एम.ए. – इतिहास (दिल्ली विश्वविद्यालय) |
| 5 | चौधरी चरण सिंह (Chaudhary Charan Singh) | 3 अप्रैल 1967 – 25 फरवरी 1968 18 फरवरी 1970 – 1 अक्टूबर 1970 | एम.ए. – इतिहास, एल.एल.बी. (आगरा विश्वविद्यालय) |
| 6 | त्रिभुवन नारायण सिंह (Tribhuvan Narain Singh) | 18 अक्टूबर 1970 – 3 अप्रैल 1971 | स्नातक (काशी विद्यापीठ) |
| 7 | कमलापति त्रिपाठी (Kamalapati Tripathi) | 4 अप्रैल 1971 – 12 जून 1973 | शास्त्री और आचार्य (काशी विद्यापीठ) |
| 8 | हेमवती नंदन बहुगुणा (Hemvati Nandan Bahuguna) | 8 नवंबर 1973 – 29 नवंबर 1975 | बी.ए. (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) |
| 9 | नारायण दत्त तिवारी (Narayan Dutt Tiwari) | 21 जनवरी 1976 – 30 अप्रैल 1977 3 अगस्त 1984 – 24 सितंबर 1985 25 जून 1988 – 4 दिसंबर 1989 | एम.ए. – राजनीति विज्ञान, एल.एल.बी. (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) |
| 10 | राम नरेश यादव (Ram Naresh Yadav) | 23 जून 1977 – 27 फरवरी 1979 | एम.ए., एल.एल.बी. (बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी – BHU) |
| 11 | बनारसी दास (Banarsi Das) | 28 फरवरी 1979 – 17 फरवरी 1980 | इंटरमीडिएट (12वीं पास) |
| 12 | विश्वनाथ प्रताप सिंह (Vishwanath Pratap Singh) | 9 जून 1980 – 19 जुलाई 1982 | बी.ए., बी.एससी. – भौतिकी, एल.एल.बी. (इलाहाबाद और पुणे यूनिवर्सिटी) |
| 13 | श्रीपति मिश्रा (Sripati Mishra) | 19 जुलाई 1982 – 2 अगस्त 1984 | एम.ए., एल.एल.बी. (लखनऊ विश्वविद्यालय) |
| 14 | वीर बहादुर सिंह (Vir Bahadur Singh) | 24 सितंबर 1985 – 24 जून 1988 | एम.ए. – भूगोल (गोरखपुर विश्वविद्यालय) |
| 15 | मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) | 5 दिसंबर 1989 – 24 जून 1991 4 दिसंबर 1993 – 3 जून 1995 29 अगस्त 2003 – 13 मई 2007 | बी.ए., बी.टी., एम.ए. – राजनीति विज्ञान (आगरा यूनिवर्सिटी) |
| 16 | कल्याण सिंह (Kalyan Singh) | 24 जून 1991 – 6 दिसंबर 1992 21 सितंबर 1997 – 12 नवंबर 1999 | बी.ए. (आगरा यूनिवर्सिटी) |
| 17 | मायावती (Mayawati) | 3 जून 1995 – 18 अक्टूबर 1995 21 मार्च 1997 – 21 सितंबर 1997 3 मई 2002 – 29 अगस्त 2003 13 मई 2007 – 15 मार्च 2012 | बी.ए., बी.एड., एल.एल.बी. (दिल्ली विश्वविद्यालय) |
| 18 | राम प्रकाश गुप्ता (Ram Prakash Gupta) | 12 नवंबर 1999 – 28 अक्टूबर 2000 | एम.एससी. – गणित में गोल्ड मेडलिस्ट (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) |
| 19 | राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) | 28 अक्टूबर 2000 – 8 मार्च 2002 | एम.एससी. – फिजिक्स (गोरखपुर विश्वविद्यालय) |
| 20 | अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) | 15 मार्च 2012 – 19 मार्च 2017 | बी.ई. – सिविल इंजीनियरिंग (मैसूर); एम.एस. – पर्यावरण इंजीनियरिंग (सिडनी यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया) |
| 21 | योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) | 19 मार्च 2017 – अब तक | बी.एससी. – गणित (गढ़वाल विश्वविद्यालय) |
लेक्चरर, गोल्ड मेडलिस्ट और विद्वान भी रहे हैं यूपी के मुख्यमंत्री
- योगी आदित्यनाथ (वर्तमान मुख्यमंत्री): यूपी के मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड (तब उत्तर प्रदेश का हिस्सा) के कोटद्वार से बी.एससी. (B.Sc. – Maths) की डिग्री ली है.
- राजनाथ सिंह: देश के रक्षा मंत्री और यूपी के पूर्व सीएम राजनाथ सिंह एम.एससी. फिजिक्स हैं. राजनीति में आने से पहले वे बकायदा मिर्जापुर के एक कॉलेज में फिजिक्स के लेक्चरर (प्रोफेसर) भी थे.
- राम प्रकाश गुप्ता: पूर्व मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्ता पढ़ाई में बेहद होनहार थे. उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम.एससी. गणित की पढ़ाई की थी और वे वहां गोल्ड मेडलिस्ट थे.
- डॉ. संपूर्णानंद: यूपी के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद अपने समय के सबसे बड़े विद्वान और लेखक माने जाते थे. वे संस्कृत, साहित्य और खगोल विज्ञान के प्रकांड पंडित थे.
क्या अखिलेश यादव सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे मुख्यमंत्री हैं?
विदेश से मास्टर्स डिग्री होने के कारण अखिलेश यादव सबसे उच्च शिक्षित मुख्यमंत्रियों में जरूर गिने जाते हैं. वहीं एमए-एलएलबी वाले नारायण दत्त तिवारी, एमएससी करने वाले राजनाथ सिंह और बीएससी-एमए-एलएलबी वाले चौधरी चरण सिंह भी इस सूची में मजबूत दावेदार हैं. इसलिए किसी एक नेता को निश्चित रूप से “सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा मुख्यमंत्री” कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा.
वो मुख्यमंत्री जो ग्रेजुएट नहीं थे
उत्तर प्रदेश के इतिहास में जहां एक से बढ़कर एक डिग्रीधारी मुख्यमंत्री हुए, वहीं एक मुख्यमंत्री ऐसे भी रहे जो ग्रेजुएट नहीं थे. उनका नाम था बाबू बनारसी दास. हालांकि, वे फ्रीडम फाइटर और जमीनी नेता थे. उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, बनारसी दास वे सिर्फ इंटरमीडिएट (12वीं) पास थे, लेकिन उनके जमीनी अनुभव और राजनीतिक सूझबूझ का लोहा हर कोई मानता था.